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Upcoming Events:

!! Shrimad Bhagwat Katha, GSD Hospital:- 13-01-2022 To 19-01-2022, Time:- 4:00 pm To 7:00 pm, Place: - Gau Seva Dham Hospital, NH-19, Hodal (Palwal) hr. -121106 !!

Devi Chitralekha Ji Event

Aim of Trust

World Sankirtan Tour Trust is established By Pujya Devishri Chitralekha Ji with four numbers of Trustees on 10th Mar 2008. Head Office of World Sankirtan Tour Trust is at Village- Khambi, Teh –Hodal Distt-Palwal (HR).
01

Preserving Culture And Heritage of Our Country.

02

Disseminating The Holy Name Of God.

03

Preaching Bhagwat Katha All Over World.

04

Gau Seva.

GAU SEVA DHAM

One day, Devi Chitralekhaji (Deviji) saw an injured cow lying on the side of the road and found that her condition was very serious. Immediately, Deviji attended to the cow and gave her first aid. Deviji was very concerned about this incident and as a result conceived an idea of providing proper care and treatment to stranded and sick cows.Hence, “GAU SEVA DHAM HOSPITAL? came into existence. The hospital is being built on NH 2 near Hodel, District Palwal, Haryana on 10 Bigha land (Approx 3-4 Acres)... The Mankind can express which Lord Krishna’s Great Cow can’t, therefore, Hospital for them was Top Priority in the mind of enlighten soul, Devi Chitralekhaji {Deviji}. This is why 10 Bigha / appx. 3-4 land owned for GAU SEVA DHAM HOSPITAL in 2013 on NH-2, HODAL, Distt.

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कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

गौवंश को वितरण किये गरम कम्बल और गुड तिल के लड्डू।

मकर संक्रांति पर भक्तों ने गाय को समर्पित किये अन्न वस्त्र और मीठा दलिया।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के प्रितिष्ठित पशु अस्पताल में धूम धाम से मनाया गया मकर संक्रांति का त्यौहार।
कोटवन - करमन बॉर्डर पर इस्थित देवी चित्रलेखाजी के सानिध्य में बीमार पशुओं के लिए निशुल्क संचालित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा एवं श्रीराधा चरितामृत कथा के द्वितीया दिवस के मध्य में मकर संक्रांति के त्यौहार बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। 
इस अवसर पर गौमाताओं को गुड तिल के लड्डू, मीठा दलिया, गरम गरम औटि, हरा चारा, ताज़ी सब्जियां खिलाकर मकर संक्रांति का  त्यौहार मनाया गया, बाहर से आये भक्तों ने गौमाता को गरम कम्बल उढ़ाये, साथ ही यहां कार्य कर रहे सेवकों को भी मिठाई, तिल के लड्डू, मूंगफली व कम्बल बांटे। 

यहां चल रही कथा में देवी चित्रलेखाजी ने श्री राधा रानी के चरित्र का वर्णन किया और साथ ही मकर संक्रांति के पावन त्यौहार के बारे में बताया की 
मकर संक्रांति का त्योहार, सूर्य के उत्तरायन होने पर मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। 
अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार इस पर्व के पकवान भी अलग-अलग होते हैं, लेकिन दाल और चावल की खिचड़ी इस पर्व की प्रमुख पहचान बन चुकी है। विशेष रूप से गुड़ और घी के साथ खिचड़ी खाने का महत्व है। इसके अलावा तिल और गुड़ का भी मकर संक्राति पर बेहद महत्व है। 
इस दिन पतंग उड़ाने का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन कई स्थानों पर पतंगबाजी के बड़े-बड़े आयोजन भी किए जाते हैं। लोग बेहद आनंद और उल्लास के साथ पतंगबाजी करते हैं। 
देवीजी ने कहा की पतंग से पक्षिओं को होने वाले नुकसान को भी नज़र अंदाज न करें, पक्षिओं की सुरक्षा का ध्यान रखें, अगर पतंग में उलझकर कोई पक्षी घायल हो जाता है तो उसे जल्द से जल्द नजदीक पशु अस्पताल ले जाकर उसका उचित उपचार कराएं। 
भजन संकीर्तन करते हुए अपने त्यौहार को मनाएं।

नववर्ष की शुरुआत, गायों का भोज व हरिनाम संकीर्तन के साथ।  पढ़िए पूरी खबर

नववर्ष की शुरुआत, गायों का भोज व हरिनाम संकीर्तन के साथ। पढ़िए पूरी खबर

नववर्ष पर गौवंश को हरा चारा, श्रद्धालुओं को भोजन और श्रीराधा नाम संकीर्तन | नए साल की शुरुआत गौमाताओं के साथ।

 

वैसे तो नववर्ष को देश विदेश में सभी अपने अपने तरीके से जश्न मनाकर जाने वाले साल को विदा और आने वाले साल का स्वागत करते हैं ।

वैसे ही हर वर्ष की भाँती इस वर्ष भी करमन बार्डर स्थित क्षेत्र के प्रतिष्ठित गौ सेवा धाम हाँस्पीटल ने नये साल का स्वागत घायल, बीमार तथा दुर्घटनाग्रस्त गौंवश की सेवा कर किया। दूर-दराज के क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम पावन गौ सेवा धाम की परिक्रमा करते हुये संकीर्तन किया। तत्पश्चात हवन, यज्ञ तथा गौ आरती के साथ नववर्ष के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उपचाराधीन गौंवश को अपने-अपने हाथों से गुड़, हरा चारा, गन्ना, दलिया आदि खिलाकर यहां पधारे श्रद्धालुगणों ने गौ सेवा की। नए साल के अवसर पर हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी ने अपने भक्तों से डिजिटल माध्यम से जुड़ते हुए इस नए साल में जीवन को सकारात्मक विचारों से भर देने वाली कुछ बातें साझा करते हुए कहा कि जैसा आप अपने बच्चों को सिखाओगे वैसा ही वो सीखेंगे
हर त्यौहार पर हमे बच्चों को सामाजिक व सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले कार्यक्रमों से जोड़ना चाहिए।
अगर आप आप हर त्यौहार को किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं तो आपको किसी शुभकामनायों की जरुरत भी न पड़ेगी।
बीते 2 साल हमारी जिंदगी में विपत्ति भरे जरूर रहे लेकिन हम सबने सकारात्मक विचारो के सहारे उन मुश्किल दिनों को भी पार किया अब हमे जरुरत है सकारात्मक विचारों के साथ नए साल की शुरुरात करें।
कोरोना जैसी महामारी जैसी आपदा से लड़ने के लिए कोरोना की दवाई के साथ साथ जरूरत है मजबूत आत्मबल की क्यूंकि आत्मबल मजबूत होगा तभी आप हर लड़ाई जीत पाओगे और सकारात्मक रह सकोगे
कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों भक्तों के लिए भंडारा प्रसाद का आयोजन भी किया गया, समस्त कार्यक्रम में राधा कृष्ण और सुदामा की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

आपको बता दें कि गौ सेवा धाम नित्य तथा निरंतर गौ सेवा में कार्यरत है। गौसेवा धाम हाँस्पीटल असहाय गौवंश तथा अन्य जीव-जन्तुओं का निःशुल्क उपचार करता है। यहाँ वर्षभर असहाय जीव-जन्तु चिकित्सा सुविधा प्राप्त करते हैं।
समस्त कार्यक्रम में कोरोना गाइडलाइंस का पालन किया गया अधिकतर भक्त मास्क पहने हुए नजर आए।

Gopashtami festival celebrated with pomp in Gauseva Dham Hospital.

Gopashtami festival celebrated with pomp in Gauseva Dham Hospital.

गौसेवा धाम हाँस्पीटल में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी पर्व                

गोपाष्टमी पर गौवंश को लगाया 56 भोग

 

गोपाष्टमी ब्रज में संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है। गायों की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का अतिप्रिय नाम 'गोविन्द' पड़ा। इसी समय से गोपष्टमी का पर्व मनाया जाने लगा, जो कि अब तक चला आ रहा है।

गोपाष्टमी पर्व को गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में भी गौमाता को 56 भोग लगाकर गौ महाभोज विशाल भंडारा आयोजन कर बड़े धाम से मनाया गया

 हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के प्रतिष्ठित गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में राष्ट्रीय पर्व गोपाष्टमी बड़े धूमधाम से मनाया गया। प्रातःकाल गौ सेवा धाम के सेवकजनों ने देवी चित्रलेखाजी व बाहर से आये हुए सैकड़ों गौभक्तों के साथ मिलकर गायों के लिए विशाल हवन पूजन तथा आरती के साथ उत्सव का शुभारभं किया गया। आये हुए भक्तों  ने गौ और गोपाल की मानमोहक झांकी स्वरूप के भी दर्शन किये।

मध्य में गायों हेतू गौमहाभोज में कई सौ किलो मीठा दलिया, 5  कुंटल गुड़, 100 कुंटल गन्ना, हरा चारा, रोटी, फल तथा सब्जियों के साथ छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भण्डारा प्रसाद आयोजित किया गया।

यह प्रसाद गौ सेवा धाम की तरफ से हरयाणा  यूपी व राजस्थान की दर्जनों गौशालओं में भी वितरित किया गया। ऐसा पहली बार नहीं की गौ सेवा धाम ने आस पास की समस्त की गौशाला के साथ मिलकर गोपाष्टमी का पर्व मनाया हो इस से पूर्व में भी गौ सेवा धाम हर वर्ष गौशालाओं को तैयार  किये हुए व्यंजन जैसे मीठा दलिया गुड रोटी आदि खाद्य पदार्थ गौशलों को भिजवाते आये है।

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में असहाय, दुर्घटनाग्रस्त, बीमार गौवंश का निःशुल्क उपचार किया जाता है। आवश्यकता होने पर आसपास की गौशालाओं में रह रहे गौंवश की चिकित्सा सेवा हेतू भी गौसेवा धाम हाँस्पीटल सदैव तत्पर रहता है। गोपाष्टमी के अवसर पर क्षेत्र की गौशालाओं हेतू भोजन की व्यवस्था भी करने से गौसेवा धाम हाँस्पीटल ने गौ सेवा हेतू उत्तम उदारण प्रस्तुत किया है। गौ रक्षा दल, कई गौशाला समितियों तथा क्षेत्रवासियों ने गौ सेवा धाम के द्वारा की जा रही गौसेवा का स्वागत किया। गौसेवा धाम हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी  की सु मधुर वाणी में संकीर्तन यात्रा के अतंर्गत सप्तदिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव एवं श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होनें बताया की गौ सेवा धाम हाँस्पीटल प्रत्येक दिन गोपाष्टमी के भाव में ही रहकर गौ सेवा करता है। दुर्घटनाग्रस्त गौंवश के छोटे उपचार से लेकर बड़े आपरेशन तक यहाँ किये जाते हैं। साथ ही अन्य घायल जीव जैसे बन्दर, कुत्ता, मोर, नीलगाय आदि का भी गौ सेवा धाम में निःशुल्क उपचार किया जाता है।

समस्त गोपाष्टमी कार्यक्रम के पूर्ण होने पर गौसेवकों तथा आम जनमानस हेतू भी भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। गौ महाभोज में गौसेवा धाम हॉस्पिटल व गौरक्षा दल होडल तथा कोसीकलाँ के कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।

GAU SEVA DHAM HOSPITAL

Hence, “GAU SEVA DHAM HOSPITAL? came into existence. The hospital is being built on NH 2 near Hodal, District Palwal, Haryana on 10 Bigha land (Approx 3-4 Acres).

Upcoming Events

Shrimad Bhagwat Katha, GSD Hospital

Shrimad Bhagwat Katha, GSD Hospital

Gau Seva Dham Hospital, NH-19, Hodal (Palwal) hr. -121106

Shrimad Bhagwat Katha, Punjab

Shrimad Bhagwat Katha, Punjab

Mandir Shri Geeta Bhavan, Sunaam Sangroor (Punjab)

Shrimad Bhagwat Katha, Balodabajar, CG

Shrimad Bhagwat Katha, Balodabajar, CG

Village- Kurmajhar, kasdol, dist.- balodabazar CG

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कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

गौवंश को वितरण किये गरम कम्बल और गुड तिल के लड्डू।

मकर संक्रांति पर भक्तों ने गाय को समर्पित किये अन्न वस्त् और मीठा दलिया ।

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