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Upcoming Events:

!! Shrimad Bhagwat Katha New Delhi:- 22-11-2021 To 28-11-2021, Time:- 3:00 pm To 6:00 pm, Place: - Near Agrawal Dharmshala, 80 Futa Road, Aadarsh Nagar, New Delhi - 110033 !!

Devi Chitralekha Ji Event

Aim of Trust

World Sankirtan Tour Trust is established By Pujya Devishri Chitralekha Ji with four numbers of Trustees on 10th Mar 2008. Head Office of World Sankirtan Tour Trust is at Village- Khambi, Teh –Hodal Distt-Palwal (HR).
01

Preserving Culture And Heritage of Our Country.

02

Disseminating The Holy Name Of God.

03

Preaching Bhagwat Katha All Over World.

04

Gau Seva.

GAU SEVA DHAM

One day, Devi Chitralekhaji (Deviji) saw an injured cow lying on the side of the road and found that her condition was very serious. Immediately, Deviji attended to the cow and gave her first aid. Deviji was very concerned about this incident and as a result conceived an idea of providing proper care and treatment to stranded and sick cows.Hence, “GAU SEVA DHAM HOSPITAL? came into existence. The hospital is being built on NH 2 near Hodel, District Palwal, Haryana on 10 Bigha land (Approx 3-4 Acres)... The Mankind can express which Lord Krishna’s Great Cow can’t, therefore, Hospital for them was Top Priority in the mind of enlighten soul, Devi Chitralekhaji {Deviji}. This is why 10 Bigha / appx. 3-4 land owned for GAU SEVA DHAM HOSPITAL in 2013 on NH-2, HODAL, Distt.

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Cow eating Plastic, left helpless by us

Cow eating Plastic, left helpless by us

कभी हिष्ट- पुष्ट दिखने वाली गाय आज एक एक सांस को मौहताज हो गयी है - कारण है पॉलिथीन प्लास्टिक कचरे के लगे ढेर |


जिस सनातनी धर्म देश भारत में गाय को मां का दर्जा दिया गया है उसी देश में गौवंश की र्दुदशा आम तस्वीर हो गई है।
कभी भूख से मरती गाय तो कभी प्लास्टिक और कचरा खाती गाय हमें जरूर दिख जाती है और तब याद आते है गोवंश को बचाने का दावा और वादे करने वाली सरकार।
कथनी और करनी में बहुत सारा फरक तब साफ़ दिखाई पड़ता है जब सड़कों पर अनाथ,बेसहारा घूमता गौवंश कचरे से गंदगी व पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं। सुख.समृद्धि की प्रतीक रही भारतीय गाय आज कूड़े के ढेर में कचरा और प्लास्टिक की थैलियां खाती और फिर अपनी जान गवा देती

भारत भूमि में गाय की महिमा आदिकाल से रही है। हर हिन्दू घर में सबसे पहली रोटी गाय की और दूसरी रोटी कुत्ते की निकाली जाती थी।   यह विडंबना ही है कि भारत में  पूजनीय मानी जाने वाली गौवंश  की आज घोर उपेक्षा की जा रही है। शहर में जगह-जगह लगे प्लास्टिक के ढेर पर मुंह मारती गायों के दृश्य आम हैं। जरुरत से ज्यादा पॉलीथिन का प्रयोग न सिर्फ गौवंश अपितु मानव प्रजाति  के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है।
घरों से सब्जियों फलों के निकले छिलके और अन्य खाद्य सामग्री पॉलिथीन में बांधकर कूड़े के ढेर पर फेंकी जा रही हैं। जहां बेसहारा गोवंश भोजन की तलाश में पहुंचते हैं और पूरा ही पॉलीथिन का पैकेट खा जाते है जिस से कभी न गलने वाली प्लास्टिक उनके पेट में जमा होती रहती है

विडंबना है कि देवताओं को भी भोग और मोक्ष प्रदान करने की शक्ति रखने वाली गौमाता आज चारे के अभाव में कूड़े के ढेर में कचरा और प्लास्टिक की थैलिया खाकर  हर महीने हजारों लाखों गोवंश अपनी जान गवां देते है,
क्या कोई है इनकी जिम्मेदारी लेने वाला? सरकार या सम्माज?
 विडंबना तो ये है की न सरकार और न समाज ऐसे गौवंश के लिए जागरूक है, ऐसे में आशा की किरन लिए उपश्तिथ है गौ सेवा धाम हॉस्पिटल जहां ऐसी बीमारी से ग्रसित अनेकों गौवंश का उपचार कर उनके पेट से आधा कुन्टल तक पॉलिथीन निकाली गयी,
इस गौमाता को भी दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद से यहां लाया गया जिसके साथ उसका छोटा सा बचा भी था,
टीम को जानकारी मिली की एक गौवंश ने कई दिनों से खाना पीना बंद कर दिया है और बच्चे को भी दूध पिलाने में अश्मर्थ है, ऐसे में बड़ी चुनौती थी माँ और बच्चे दोनी की जान बचें की ,
गौ सेवा धाम की एम्बुलैंस की मदद से माँ और बच्चे को उपचार क लिए होडल पलवल में स्थित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल लाया गया,
गाय के प्राथमिक उपचार और जाँच मै पाया गया की पेट में काफी मात्रा में पॉलिथीन जमा हुआ पड़ा हुआ है, ऐसे में गौ सेवा धाम की चिकित्सक टीम तुरंत लग गयी गौवंश के ओपरेशन में, घंटो चले इस ऑपरेशन में गौवंश के पेट से 50  किलो से ज्यादा प्लास्टिक कचरे के साथ लोहे की क्षड़, सिक्का, नुकीले कील पथ्थर, जैसे कभी न गलने वाले नुकसानदायक पदार्थ निकाले गए,

समय रहते गौवंश और उसके छोटे बच्चे की जान बचा ली गयी, पर न जाने ऐसे कितने गौवंश हैं जो सही समय पर उपचार न मिलने के आभाव में अपने प्राण त्याग  रहे हैं,
गौ सेवा धमहोस्पिटल की संचालिका देवी चित्रलेखाजी द्वारा पिछले 10 वर्षो में भारत के अलग अलग राज्यों में जाकर प्लास्टिक बैन को लेकर अनेकों रैलिया व कार्यक्रम आयोजित कर
लोगों को बताया गया की प्लास्टिक । पॉलीथिन से क्या क्या नुकसान हमें और हमारी प्रकृति को झेलने पड़ते हैं,
आइये हम सब मिलाकर पॉलिथीन और प्लास्टिक के उपयोग को कम कर एक स्वच्छ वातावरण बनाने को आगे आएं
जुड़िये गौ सेवा धाम हॉस्पिटल से |

ऑपरेशन द्वारा गौमाता के पेट से निकाली 55-60kg पॉलीथीन । इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि पॉलिथीन बंद हो
 https://fb.watch/57qlDwZTdG/

 

 

 

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

A visitor's feelings on her visit to Gau Seva Dham Hospital :

' Devi Chitralekha Ji's Gau Seva Dham is no less than a paradise not only for the animals but also for every visiter that visits this beautiful place. Unlike it's name, the dham not only treats and serves cows, but also every animal that needs help. The animals are not only provided best possible treatment from expert veterinarian doctors but also food and shelter. A good fresh and green environment is created to make animals feel more homely and comfortable. The employees there are so compassionate and friendly and they are determined towards the noble cause. The dham also offer free cold drinking water to anyone and everyone. There are many ambulances available to pick up the injured and sick animals within 50 km of radius of the Gau Seva Dham. As soon as the staff there gets any information about any injured or sick animal, the ambulance is sent as soon as possible. Devi Chitralekha ji envisions a compassionate and good world where both animals and humans live peacefully. This is most certainly one of the most heart warming and fulfilling places I've ever visited to. I would like to thank Devi ji for helping these innocent animals and giving them a good healthy life.'

A Report on Gau Seva Dham Hospital

A Report on Gau Seva Dham Hospital

गौ-वंश की रक्षा के लिये समर्पित एक हॉस्पिटल 
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भगवत प्रशाद शर्मा की एक रिपोर्ट :-

" दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर होडल (हरियाणा ) में मथुरा रोड पर स्थित है पूज्यनीय देवी चित्रलेखा जी का “गौ सेवा धाम हॉस्पिटल” बीमार और एक्सीडैंटल गौ वंश की रक्षा करता है ये हॉस्पिटल। पाँच एम्बुलेंस 24 घंटे गौ वंश की रक्षा के लिये तैयार रहती हैं। अनुभवी डाक्टरों की टीम, 
सुरक्षा कर्मचारी और गौ माता की दिन-रात सेवा करने वाली अलग से विशेष टीम रहती है। हॉस्पिटल में एक बडी एक्स-रे मशीन, सभी प्रकार के उपकरणों से सुसज्जित एक बडी लैबोरेटरी, मैडीकल रूम और अलग से एक ऑपरेशन थैयटर है। जहाँ गम्भीर बीमारी और ज्यादा चोट लगने पर गौ-वंश के ऑपरेशन किये जाते हैं। 
हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री प्रत्यक्ष शर्मा जी कहते हैं लगभग 300 गौ-वंश वर्तमान में हॉस्पिटल में हैं। उन्होंने हमें बताया की हमारे यहाँ पर दूसरे पशु-पक्षियों का भी इलाज किया जाता है। वहां पर हमें नील गाय, ख़रगोश, बिल्ली के बच्चे, डॉगी और डॉगी के बच्चे भी देखने को मिले। सभी के लिये खाने का विशेष प्रबन्ध किया जाता है। गऊओं के लिये हरा चारा, चौखर, दलिया विशेष रूप से बनाया जाता है। साफ-सफाई और स्वच्छता का बहुत ध्यान रखा जाता है। गौ-वंश के नीचे ज़मीन पर बालू रेत बिछी हुई जिससे उनको सदैव आराम रहे। पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे हॉस्पिटल के चारों ओर छायादार अशोक के वृ़क्ष लगे हुए हैं। सदैव स्वच्छ और जीवनी दायनि पवन बहती रहती है। "

GAU SEVA DHAM HOSPITAL

Hence, “GAU SEVA DHAM HOSPITAL? came into existence. The hospital is being built on NH 2 near Hodal, District Palwal, Haryana on 10 Bigha land (Approx 3-4 Acres).

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