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!! Shrimad Bhagwat Katha Raxaul, Bihar:- 17-10-2021 To 23-10-2021, Time:- 2:00 pm To 5:00 pm, Place: - Neat Shivam Flour Mill, Y. S. resort, lakshmipur, Raxaul, Bihar !!

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में मनाया गया होली महोत्सव

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में मनाया गया होली महोत्सव

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में मनाया गया होली महोत्सव

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में मनायी गयी फूलों की होली
गौसेवा के लिये ही बना है गौसेवा धाम: रमेश भाई ओझा (भाई श्री)

करमन बार्डर स्थित देवी चित्रलेखा जी के गौसेवा धाम हाँस्पीटल में विगत गुरूवार को होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री रमेश भाई ओझा (भाई श्री) के द्वारा दीपप्रज्जवलन किया गया। उन्होनें अपने वक्तव्य में गौसेवा धाम हाँस्पीटल को करूणा मंदिर बताते हुय देवी जी के सानिघ्य में संचालित पशु अस्पताल में असहाय, लाचार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के साथ अन्य पशु-पक्षियों  की हो रही सेवा की जमकर सराहना की। उन्होनें कहा कि जव देवी जी व उनके परिवार के निश्चय करने से इतनी संख्या में गौंवश को आश्रय मिल सकता है तो अन्य युवा भी अगर गौसेवा का दृढ निश्चय कर ले तो निश्चित ही वर्तमान गौंवश की दयनीय स्थिति सुधर सकती है। 

कार्यक्रम में होडल के विधायक जगदीश नायर भी पहुँचे। उन्होनें गौसेवा धाम में हो रही गौ सेवा का अवलोकन किया। वह यहाँ हो रही गौंवश तथा अन्य जीव जन्तुओं की सेवा से इतने प्रभावित हुये कि उन्होने इस सेवा के लिये 11 लाख रूपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की।
निरन्तर लगा रहता है वह रोग, व्याधि से अन्य लोगों के तुलना में कम प्रभावित होता है। समारोह का मुख्य आकर्षण ब्रज की फूलों की होली, होडल के गायक पं0 सुरेश शास्त्री, वृदांवन के रसिक गायक पं0 प्रंशात व बनवारी लाल का गायन रहा। जिसका आस-पास के क्षेत्रवासियों के साथ- साथ आये हुये समस्त आगन्तुकों ने आनंद उठाया। कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ हुआ,  
कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्धयक्ष पं0 टीकाराम स्वामी, महामंत्री प्रत्यक्ष शर्मा, माधव प्रभु जी, रमनदेव शर्मा, मीडिया प्रभारी राहुल शर्मा, विनोद शर्मा, पुनीत गौड़, तरुण सेठ,  गौरक्षा दल होडल, कोसी , मेवात, राजस्थान व कई सामाजिक सस्थाओं के प्रतिनिधि आदि का विशेष रूप से सहयोग रहा।

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Cow eating Plastic, left helpless by us

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कभी हिष्ट- पुष्ट दिखने वाली गाय आज एक एक सांस को मौहताज हो गयी है - कारण है पॉलिथीन प्लास्टिक कचरे के लगे ढेर |


जिस सनातनी धर्म देश भारत में गाय को मां का दर्जा दिया गया है उसी देश में गौवंश की र्दुदशा आम तस्वीर हो गई है।
कभी भूख से मरती गाय तो कभी प्लास्टिक और कचरा खाती गाय हमें जरूर दिख जाती है और तब याद आते है गोवंश को बचाने का दावा और वादे करने वाली सरकार।
कथनी और करनी में बहुत सारा फरक तब साफ़ दिखाई पड़ता है जब सड़कों पर अनाथ,बेसहारा घूमता गौवंश कचरे से गंदगी व पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं। सुख.समृद्धि की प्रतीक रही भारतीय गाय आज कूड़े के ढेर में कचरा और प्लास्टिक की थैलियां खाती और फिर अपनी जान गवा देती

भारत भूमि में गाय की महिमा आदिकाल से रही है। हर हिन्दू घर में सबसे पहली रोटी गाय की और दूसरी रोटी कुत्ते की निकाली जाती थी।   यह विडंबना ही है कि भारत में  पूजनीय मानी जाने वाली गौवंश  की आज घोर उपेक्षा की जा रही है। शहर में जगह-जगह लगे प्लास्टिक के ढेर पर मुंह मारती गायों के दृश्य आम हैं। जरुरत से ज्यादा पॉलीथिन का प्रयोग न सिर्फ गौवंश अपितु मानव प्रजाति  के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है।
घरों से सब्जियों फलों के निकले छिलके और अन्य खाद्य सामग्री पॉलिथीन में बांधकर कूड़े के ढेर पर फेंकी जा रही हैं। जहां बेसहारा गोवंश भोजन की तलाश में पहुंचते हैं और पूरा ही पॉलीथिन का पैकेट खा जाते है जिस से कभी न गलने वाली प्लास्टिक उनके पेट में जमा होती रहती है

विडंबना है कि देवताओं को भी भोग और मोक्ष प्रदान करने की शक्ति रखने वाली गौमाता आज चारे के अभाव में कूड़े के ढेर में कचरा और प्लास्टिक की थैलिया खाकर  हर महीने हजारों लाखों गोवंश अपनी जान गवां देते है,
क्या कोई है इनकी जिम्मेदारी लेने वाला? सरकार या सम्माज?
 विडंबना तो ये है की न सरकार और न समाज ऐसे गौवंश के लिए जागरूक है, ऐसे में आशा की किरन लिए उपश्तिथ है गौ सेवा धाम हॉस्पिटल जहां ऐसी बीमारी से ग्रसित अनेकों गौवंश का उपचार कर उनके पेट से आधा कुन्टल तक पॉलिथीन निकाली गयी,
इस गौमाता को भी दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद से यहां लाया गया जिसके साथ उसका छोटा सा बचा भी था,
टीम को जानकारी मिली की एक गौवंश ने कई दिनों से खाना पीना बंद कर दिया है और बच्चे को भी दूध पिलाने में अश्मर्थ है, ऐसे में बड़ी चुनौती थी माँ और बच्चे दोनी की जान बचें की ,
गौ सेवा धाम की एम्बुलैंस की मदद से माँ और बच्चे को उपचार क लिए होडल पलवल में स्थित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल लाया गया,
गाय के प्राथमिक उपचार और जाँच मै पाया गया की पेट में काफी मात्रा में पॉलिथीन जमा हुआ पड़ा हुआ है, ऐसे में गौ सेवा धाम की चिकित्सक टीम तुरंत लग गयी गौवंश के ओपरेशन में, घंटो चले इस ऑपरेशन में गौवंश के पेट से 50  किलो से ज्यादा प्लास्टिक कचरे के साथ लोहे की क्षड़, सिक्का, नुकीले कील पथ्थर, जैसे कभी न गलने वाले नुकसानदायक पदार्थ निकाले गए,

समय रहते गौवंश और उसके छोटे बच्चे की जान बचा ली गयी, पर न जाने ऐसे कितने गौवंश हैं जो सही समय पर उपचार न मिलने के आभाव में अपने प्राण त्याग  रहे हैं,
गौ सेवा धमहोस्पिटल की संचालिका देवी चित्रलेखाजी द्वारा पिछले 10 वर्षो में भारत के अलग अलग राज्यों में जाकर प्लास्टिक बैन को लेकर अनेकों रैलिया व कार्यक्रम आयोजित कर
लोगों को बताया गया की प्लास्टिक । पॉलीथिन से क्या क्या नुकसान हमें और हमारी प्रकृति को झेलने पड़ते हैं,
आइये हम सब मिलाकर पॉलिथीन और प्लास्टिक के उपयोग को कम कर एक स्वच्छ वातावरण बनाने को आगे आएं
जुड़िये गौ सेवा धाम हॉस्पिटल से |

ऑपरेशन द्वारा गौमाता के पेट से निकाली 55-60kg पॉलीथीन । इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि पॉलिथीन बंद हो
 https://fb.watch/57qlDwZTdG/

 

 

 

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

A visitor's feelings on her visit to Gau Seva Dham Hospital :

' Devi Chitralekha Ji's Gau Seva Dham is no less than a paradise not only for the animals but also for every visiter that visits this beautiful place. Unlike it's name, the dham not only treats and serves cows, but also every animal that needs help. The animals are not only provided best possible treatment from expert veterinarian doctors but also food and shelter. A good fresh and green environment is created to make animals feel more homely and comfortable. The employees there are so compassionate and friendly and they are determined towards the noble cause. The dham also offer free cold drinking water to anyone and everyone. There are many ambulances available to pick up the injured and sick animals within 50 km of radius of the Gau Seva Dham. As soon as the staff there gets any information about any injured or sick animal, the ambulance is sent as soon as possible. Devi Chitralekha ji envisions a compassionate and good world where both animals and humans live peacefully. This is most certainly one of the most heart warming and fulfilling places I've ever visited to. I would like to thank Devi ji for helping these innocent animals and giving them a good healthy life.'

A Report on Gau Seva Dham Hospital

A Report on Gau Seva Dham Hospital

गौ-वंश की रक्षा के लिये समर्पित एक हॉस्पिटल 
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भगवत प्रशाद शर्मा की एक रिपोर्ट :-

" दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर होडल (हरियाणा ) में मथुरा रोड पर स्थित है पूज्यनीय देवी चित्रलेखा जी का “गौ सेवा धाम हॉस्पिटल” बीमार और एक्सीडैंटल गौ वंश की रक्षा करता है ये हॉस्पिटल। पाँच एम्बुलेंस 24 घंटे गौ वंश की रक्षा के लिये तैयार रहती हैं। अनुभवी डाक्टरों की टीम, 
सुरक्षा कर्मचारी और गौ माता की दिन-रात सेवा करने वाली अलग से विशेष टीम रहती है। हॉस्पिटल में एक बडी एक्स-रे मशीन, सभी प्रकार के उपकरणों से सुसज्जित एक बडी लैबोरेटरी, मैडीकल रूम और अलग से एक ऑपरेशन थैयटर है। जहाँ गम्भीर बीमारी और ज्यादा चोट लगने पर गौ-वंश के ऑपरेशन किये जाते हैं। 
हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री प्रत्यक्ष शर्मा जी कहते हैं लगभग 300 गौ-वंश वर्तमान में हॉस्पिटल में हैं। उन्होंने हमें बताया की हमारे यहाँ पर दूसरे पशु-पक्षियों का भी इलाज किया जाता है। वहां पर हमें नील गाय, ख़रगोश, बिल्ली के बच्चे, डॉगी और डॉगी के बच्चे भी देखने को मिले। सभी के लिये खाने का विशेष प्रबन्ध किया जाता है। गऊओं के लिये हरा चारा, चौखर, दलिया विशेष रूप से बनाया जाता है। साफ-सफाई और स्वच्छता का बहुत ध्यान रखा जाता है। गौ-वंश के नीचे ज़मीन पर बालू रेत बिछी हुई जिससे उनको सदैव आराम रहे। पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे हॉस्पिटल के चारों ओर छायादार अशोक के वृ़क्ष लगे हुए हैं। सदैव स्वच्छ और जीवनी दायनि पवन बहती रहती है। "

Cow Hospital  | G.S.D Animal Hospital

Cow Hospital | G.S.D Animal Hospital

गौ सेवा धाम हॉस्पिटल

 
आज के समय में जहाँ मानव के पास अपने काम से फुर्सत नहीं है और गायों एवं अन्य जीव जंतुओं की सेवा करने का वक्त नहीं है, वहां बीमार, बेसहारा एवं घायल गायों का इलाज करने के लिए होडल, ज़िला - पलवल, हरियाणा में स्थित है गौ सेवा धाम हॉस्पिटल | वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट की फाउंडर श्रीमद भागवत कथा वाचिका पूज्या देवी चित्रलेखा जी ने अपना पूरा जीवन इस *पशु हॉस्पिटल* को सुचारु रूप से चलाने के लिए समर्पित कर दिया है | इस पशु हॉस्पिटल की विशेष बात ये है कि यहाँ सभी गौ माताओं से लेकर जीव-जंतुओं तक का इलाज नि:शुल्क होता है |  
*गौ सेवा धाम हॉस्पिटल* जो कि ब्रज (वृन्दावन) की धरती पर होडल, हरियाणा में स्थित है | यहाँ पर ऐम्बुलेंस के माध्यम से बीमार और घायल गौवंश एवं अन्य सभी बीमार पशुओं (नीलगाय, कुत्ता, बन्दर, मोर, हिरण, बारासिंघा जैसे वन्य पशु ) को लाया जाता है और इनका इलाज किया जाता है | उपचार के लिए यहां एक मेडिकल स्टोर है जहाँ दवाइयों को व्यवस्थित रूप से रखा जाता है | गायों के लिए दलिया बनाने के लिए यहां चक्की का भी प्रावधान है | हरे चारे हेतु गऊ हरा चारा घर भी बनाया गया है जहां पर हरे चारे को काट के गौ माता को परोसा जाता है | खल, चोकर और अन्य पौष्टिक आहार के लिए खल चोकर गोदाम भी है जहाँ गौ माता के पौष्टिक आहार को स्टोर करके रखा जाता है | गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में बीमार गायों के लिए गौ रसोई का भी प्रावधान रखा गया है जिसमें दलिया और स्व-चलित रोटी बनाने वाली मशीन की सुविधा रखी गयी है जो कि अपने आप गौ माता के लिए एक घंटे में एक हज़ार रोटी बनाने की क्षमता रखती है |
देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिवस पर मनाया जायेगा विश्व संकीर्तन दिवस

देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिवस पर मनाया जायेगा विश्व संकीर्तन दिवस

विश्व संकीर्तन महोत्सव का आरंभ 19 जनवरी को मनाया जाएगा विश्व संकीर्तन  दिवस

 
 
प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। हर वर्ष की भाँति इस बार भी 13 से 19 जनवरी तक  आयोजित होने वाले सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा व संकीर्तन महोत्सव के विश्राम दिवस में देवी जी के अनुयायिओं के द्वारा 19 जनवरी को उनके जन्मदिवस को विश्व संकीर्तन दिवस के रूप में ही मनाया जायेगा। भागवत कथा के द्वितीय दिवस में देवी जी ने कथा के महात्मय का वर्णन किया। गौमाता की उपस्थिति, श्रीराधेकृष्ण का संकीर्तन, भावभिवोर श्रद्धालुगण से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। 
 
वहीं गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में आज मकर सक्रांति के पावन अवसर पर बाहर से आए हुए श्रद्धालु भक्त जनों ने कथा के मध्य में गौ भंडारे का भव्य आयोजन किया जिसमें यहां भर्ती बीमार गोवंश को गुड़ की ऑटी, मीठा दलिया, हरा चारा, गुड़ और तिल की गजक, रोटी व अन्य पौष्टिक व्यंजन गौ माता को खिलाएं 
 
साथ ही भक्तों ने इस भीषण सर्दी में बीमार गोवंश को गर्म कंबल रजाई भी गौ माता को भेंट की।
गौसेवा धाम हाँस्पीटल देवी जी के सानिध्य में विगत लगभग 10 वर्षों से असहाय, दुर्घटनाग्रस्त एवं बीमार गौवंश की निःशुल्क सेवा में पूर्णतः समर्पित संस्थान है। 
 
सम्पूर्ण कथा आयोजन आस्था टीवी चैनल के माध्यम से संपूर्ण विश्व में किया जा रहा है  जिसमें सीमित संख्या में श्रोतागण, मास्क का प्रयोग, उचित सामाजिक दूरी आदि के साथ कोरोना प्राटोकोल का पालन किया गया। 
नववर्ष पर लिया गौ सेवा का संकल्प

नववर्ष पर लिया गौ सेवा का संकल्प

गौसेवा कर मनाया नववर्ष

 
श्रद्धालुओं ने गौमाता गुड दलिया खिला कर मनाया नववर्ष
 
नववर्ष पर लिया गौ सेवा का संकल्प
 
 
 
नये साल को लोग अपने-अपने तरीकों से मनाते हैं। ऐसे में कई व्यक्ति नववर्ष की शुरूआत आध्यात्मिक तरह से करते हैं। ऐसा ही  कोसी-होडल बॉर्डर पर स्थित गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में देखने को मिला जहां हर वर्ष की भांति  इस वर्ष भी भजन-कीर्तन तथा हवन-यज्ञ के साथ नये साल 2021 के पहले दिन का यहाँ स्वागत किया गया। 
गौवंश की उपस्थिति, कीर्तन करते हुये श्रद्धालुगण, तथा यज्ञ आहुति के मंत्रोच्चारण से समस्त वातावरण भक्तिमय हो गया। दिन के मध्य में गौमाता तथा गौंवश हेतू मीठा दलिया, हरा चारा, गुड़, गन्ना आदि का भंडारा आयोजित किया गया। समस्त आयोजन में आस-पास के प्रदेशों से भी आगन्तुक आये हुये थे जिनके लिये भी भोजन प्रसाद का भी प्रबंध था।
 आगन्तुकों में से कोई गाय को हरा चारा खिला रहा था तो कोई इस कड़ाके की सर्दी में गौसेवा धाम में उपचाराधीन बीमार गौवंश को रजाई उढा कर मानसिक शांति प्राप्त कर रहा था। छोटे बच्चे गाय के बछड़ों के साथ सेल्फी लेकर खुश थे। 
 
नववर्ष का प्रारंभ गौमाता के साथ ही क्यों ?
 
वर्तमान में जहाँ भारतीय, पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर पब, होटल और महंगे क्लबों में जाकर नया साल मनाते हैं तो वहीं दूसरी तरफ अधिकतर भारतीय अपनी संस्कृति के अनुरूप नये साल का स्वागत जरूरतमदं को सहयोग कर, गौमाता की सेवा करके भी मनाते हैं। प्रसिद्ध कथा वाचिका तथा गौसेवा धाम हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी ने अपने नववर्ष संदेश में बताया कि आज के युवा को आधुनिकता और आध्यात्मिकता में संतुलन रखना आवश्यक है। वर्तमान में पाश्चात्य जगत के लोग भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैं और भारतीय खुद अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। देवी जी ने कहा कि इस नये साल पर हम जरूरतमंद की मदद करना, असहाय एवं मूक जीवों पर दया करना, पानी को व्यर्थ न बहाना, पेड़-पौधे लगाना एवं उनकी देखभाल करना आदि जैसे कई छोटे-छोटे संकल्प ले सकते हैं।

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