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!! Shrimad Bhagwat Katha- Ulhasnagar, Maharashtra:- 19-05-2022 To 25-05-2022, Time:- 6:00 pm To 9:00 pm, Place: - Ulhasnagar, Maharashtra !!

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

A visitor's feelings on her visit to Gau Seva Dham Hospital :

' Devi Chitralekha Ji's Gau Seva Dham is no less than a paradise not only for the animals but also for every visiter that visits this beautiful place. Unlike it's name, the dham not only treats and serves cows, but also every animal that needs help. The animals are not only provided best possible treatment from expert veterinarian doctors but also food and shelter. A good fresh and green environment is created to make animals feel more homely and comfortable. The employees there are so compassionate and friendly and they are determined towards the noble cause. The dham also offer free cold drinking water to anyone and everyone. There are many ambulances available to pick up the injured and sick animals within 50 km of radius of the Gau Seva Dham. As soon as the staff there gets any information about any injured or sick animal, the ambulance is sent as soon as possible. Devi Chitralekha ji envisions a compassionate and good world where both animals and humans live peacefully. This is most certainly one of the most heart warming and fulfilling places I've ever visited to. I would like to thank Devi ji for helping these innocent animals and giving them a good healthy life.'

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धूमधाम से मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव तथा अक्षय तृतीया का पर्व, गौ सेवा धाम ने बीमार गायों हेतु किया विशाल छप्पन भोग का आयोजन

धूमधाम से मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव तथा अक्षय तृतीया का पर्व, गौ सेवा धाम ने बीमार गायों हेतु किया विशाल छप्पन भोग का आयोजन

धूमधाम से मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव तथा अक्षय तृतीया का पर्व, गौ सेवा धाम ने बीमार गायों हेतु किया विशाल छप्पन भोग का आयोजन

Celebrated Parshuram Janmotsav and Akshaya Tritiya festival with pomp, Gau Sewa Dham organized a huge Chappan Bhog for sick cows.

कोटवन करमन बार्डर पर स्थित गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर अक्षय तृतीया का पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रातःकाल गौ पूजन तथा स्वस्तिवाचन कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। अक्षय तृतीया पर्व वैशाख के महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महर्षि जमदग्नि तथा माता रेणुका के यहाँ भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का प्राकट्य हुआ था। इस दिन किये गये सत्कर्म अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं।

 

 

गौ सेवा धाम में इस पावन पर्व को बीमार, घायल तथा दुर्घटनाग्रस्त गौवशं की सेवा कर मनाया गया। संध्याकाल में इन असहाय गौवंश हेतू विशाल भडांरे का आयोजन किया गया। जिसमें गौमाताओं को हरा चारा, रोटी, मीठा दलिया, गुड़, विभिन्न प्रकार की दालें, सोयाबीन की बड़ी आदि छप्पन प्रकार के व्यंजन परोसे गये। स्थानीय भक्तों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपने हाथों से गायों की सेवा कर पुण्य लाभ कमाया। विदित रहे कि गौ सेवा धाम दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के साथ-साथ अन्य घायल जीव-जन्तुओं की सेवा करने हेतू प्रसिद्ध है। यहाँ विश्वस्तरीय चिकित्सा मशीन तथा प्रशिक्षित डाक्टरों की टीम गौ सेवा हेतू सदैव तत्पर रहती है।

 
The fire in the fields and the bad condition of the Gau Mata (Cow).

The fire in the fields and the bad condition of the Gau Mata (Cow).

खेतो में लगी आग और गौ माता का हुआ बुरा हाल |

The fire in the fields and the bad condition of the cow mother

 

 

 

हाल ही में आयी एक खबर की पास ही के एक गॉंव में किसी कारणवस खेत में आग लग गई और पता चला की खेतो के बीचो-बीच में एक गौ माता भी है,

Maybe something like this must have happened in the burnt field.

 

जो की जल चुकी है आग इतनी फ़ैल चुकी थी की गौ माता निकल ही नहीं पा रही थी जैसे ही गॉंव वालो को पता चला की गौ माता खेतो में है और वो जल रही है तो तभी गॉंव वालो ने गौ माता को कड़ी मेहनत कर खेतों से बाहर निकाला और तुंरत गौ सेवा धाम हॉस्पिटल, होडल को कॉल किया और गौ सेवा धाम की एम्बुलेंस तुरंत वहा पहुंची और एम्बुलेंस द्वारा गौ माता को हॉस्पीटल लाया गया।

 ​
GSD Animal Hospital ~ Ambulance
 
 

 

गौ माता का इतना बुरा हाल था कि हमें देखने में भी बहुत दर्द हो रहा था। हम देख कर ही पता लगा सकते थे की गौ माता जलने के कारण किस कष्ट से जूझ रही होगी। गौ माता इतनी जल चुकी थी की गौ माता की ऊपर वाली ज्यादातर खाल हट चुकी थी और गौ माता को उसकी खाल से खून आ रहे थे। गौ माता ना तो कुछ खा रही थी और ना ही कुछ पी रही थी।

Doctors team of Gau Sewa Dham Hospital, applying medicine to the burnt cow.

 

गौ सेवा धाम हॉस्पिटल की डॉक्टर्स टीम ने ज्यादा समय न लगाते हुए तुरंत गौ माता के शरीर की अच्छे से सफाई कर गौमाता को उसके दर्द में लाभ पहुंचाने वाली दवाई लगाई और इलाज करना शुरू किया।

 

जली हुई गौ माता को दवाई लगाते हुए, गौ सेवा धाम हॉस्पिटल की डॉक्टर्स टीम |

 

कुछ समय बाद हमने देखा की गौ माता अब पहले से अच्छा महसूस कर रही है और कुछ खा पी भी रही है।

 

Devi Chitralekhaji asking doctors about the burnt cow.

 
Devi Chitralekhaji feeding the burnt cow mother.
 
The burnt cow mother (Gaumata) was now eating and drinking.

 

आप इस वीडियो के माध्यम से देख सकते है कि गौमाता को कितनी पीड़ा से गुजरना पड़ा होगा।

 

वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें ~ https://youtu.be/K7239lZEcs8

वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें ~ https://fb.watch/cG2ar28eBB/

 

हम धन्यबाद करते है, गॉंव वालो का और गौ सेवा धाम हॉस्पिटल की एम्बुलेंस टीम एवं डॉक्टर्स टीम का जिनकी वजह से एक मासूम जान बच पाई।
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल, होडल ज्यादातर पशु हॉस्पिटल के मुकाबले एक नाम बन चुका है, जो की पिछले केई वर्षो से लगातार बीमार, लाचार व बेसहारा गौमाता एवं अन्य जीव जन्तुओं का मुफ्त में इलाज करता आ रहा है, आप सभी के सहयोग और गौ माता एवं अन्य जीव जंतुओं की सेवा के लिए हम ये कार्य करते आ रहे है और लगातार करते रहेंगे।

 

गौ सेवा धाम हॉस्पिटल
Nh-19, होडल जिला पलवल , हरियाणा

Conatact :- 9991771111 , 9991772222 , 9991774444 , 8816088825

 
       GSD Animal Hospital , Hodal

 

Click Here ~ https://www.worldsankirtan.org/blog-details/donation-support-for-the-sick-helpless-and-destitute-cows

*Link for Website :- https://www.worldsankirtan.org/home

*Link for Online Donation & Bank Accounts :- https://www.worldsankirtan.org/donate

बीमार, लाचार व बेसहारा गौवंश की सेवा और उनके इलाज हेतु दान सहयोग ...

बीमार, लाचार व बेसहारा गौवंश की सेवा और उनके इलाज हेतु दान सहयोग ...

राधे राधे जी, 


गौ सेवा धाम हॉस्पिटल (पशु हॉस्पिटल) में आपका स्वागत है |
विश्व संकीर्तन टूर ट्रस्ट के तहत चल रहा जी.एस.डी. हॉस्पिटल (देवी चित्रलेखाजी संस्थापक हैं और उनके पिताजी पंडित टीकाराम स्वामी जी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं) ... 
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क हैं।

गौ सेवा धाम हॉस्पिटल , NH-19 होडल, जिला पलवल (हरियाणा) - 121106
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में बीमार, लाचार व बेसहारा पीड़ित गौमाता एवं अन्य जीव जंतुओं का मुफ्त में इलाज किया जाता है। जिसमें आपश्री दान सहयोग कर पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।
बीमार, लाचार व बेसहारा गौवंश की सेवा और उनके इलाज हेतु दान सहयोग करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें या आप Paytm | Phonepe | Google pay ( बैंक अकाउंट ट्रांसफर ) के माध्यम से भी दान सहयोग कर सकते हैं।

इस सेवा कार्य में दान सहयोग कर पुण्य के भागीदार बनें।

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*Paytm || GooglePay - 9991772222

 

दान से सम्बंधित किसी अन्य जानकारी के लिए हमारे कार्यालय में संपर्क करें - +91 9991771111, +91 9991772222, +91 9991773333, +91 9991774444 

 

हमें जो ये धनराशि ( दान सहयोग ) आपके द्वारा प्राप्त होगी, हम इस धनराशि से हमारे यहाँ " गौ सेवा धाम हॉस्पिटल " में उपस्थित बीमार, लाचार व बेसहार लगभग 400+ गौ माताएं और कुछ अन्य जीव जंतु है। जिनका हम प्राप्त हुई धनराशि से पीड़ित गौ माता, अन्य जीवों के इलाज हेतु दवाई व उनके प्रतिदिन खाने हेतु खल चोकर, भूसा की व्यवस्था एवं उनका भरण पोषण करते है और उनके स्वास्थ हेतु उपयोग में आने वाली अनेको प्रकार की वस्तुओं की व्यवस्था करते हैं।  जैसे - ऑपरेशन करने में काम आने वाली वस्तुए, उनको लाने ले जाने के लिए नव एम्बुलेंस एवं मोटर साईकल एम्बुलेंस की व्यवस्था, चारा काटने हेतु मशीन , गर्मिओ में गौ माता हेतु पंखे / कूलर व सर्दिओ में हीटर की व्यवस्था, गौमाता के लिए रोटी / दलिया / अन्य बनाने के लिए नव रसोई का निर्माण , गौमाता के इलाज हेतु नई मशीनो की व्यवस्था, उनके रहने हेतु नई वार्ड की व्यवस्था , एवं अन्य जीव जंतुओं के रहने के लिए वार्ड व नई जगह की व्यवस्था एवं हम गौ माता के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की व्यवस्था करते हैं। 
 

आपश्री इस सेवा कार्य में दान सहयोग कर पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।

देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में लगाया गया रक्तदान शिविर और लोगों ने किया रक्तदान

देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में लगाया गया रक्तदान शिविर और लोगों ने किया रक्तदान

हरिनाम संकीर्तन से की गयी संकीर्तन दिवस की शुरुआत। 
देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर लोगों ने किया रक्तदान। 


गौसेवा धाम में पिछले सात दिनों से आयोजित श्री राधा चरितामृत कथा का बुधवार को श्री राधानाम संकीर्तन के साथ समापन हुआ। 
पूज्या देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस अवसर पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।  रक्तदान - महादान की धारणा को साकार करते हुये 60 से ज्यादा रक्तवीरों ने इस आयोजन में बढ़ चढकर भाग लिया। देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिन को संकिर्तन दिवस के रूप मनाते हुए गौ सेवा धाम की संकीर्तन फेरी भी की गई। संकीर्तन में देवी चित्रलेखाजी के साथ सैकड़ों सैकड़ों भक्त मास्क लगाकर संकीर्तन में झूमते नजर आए।
देवी चित्रलेखाजी के श्रीमुख से  आगामी सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 14 से 20 फरवरी गौ सेवा धाम की धरा पर आयोजित होगी जिसका सीधा प्रसारण आस्था टीवी चैनल पर किया जाएगा 
 

देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में लगाया गया रक्तदान शिविर |

देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में लगाया गया रक्तदान शिविर |

गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में लगाया गया रक्तदान शिविर |

देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस पर लोगों ने किया रक्तदान |

गौसेवा धाम में पिछले सात दिनों से चल रहे श्री राधा चरितामृत कथा के सप्तम दिवस में बुधवार को प्रसिद्ध कथावाचक पूज्या देवी चित्रलेखा जी के जन्मदिवस अवसर पर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कुशल चिकित्सकों की देख-रेख में प्रातःकाल 10 बजे से इस कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। रक्तदान - महादान की धारणा को साकार करते हुये 50 से ज्यादा रक्तवीरों ने इस आयोजन में बढ़ चढकर भाग लिया। रक्तदान की महत्ता को समझते हुये देवी जी के पिता पं0 टीकाराम स्वामी जी ने स्वयं भी अपना रक्त दान किया। देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिन को संकिर्तन दिवस के रूप मनाते हुए गौ सेवा धाम की संकीर्तन फेरी भी की गई। संकीर्तन में देवी चित्रलेखाजी के साथ सैकड़ों सैकड़ों भक्त मास्क लगाकर संकीर्तन में झूमते नजर आए।
 कार्यक्रम के अतं में उपस्थित समस्त रक्तदाताओं को शील्ड तथा प्रमाण पत्र देकर उनका अभिंनदन किया गया। गौ सेवा धाम हाँस्पीटल असहाय, लाचार तथा दुर्धटनाग्रस्त गौंवश का निःशुल्क उपचार करता है। अपनी अत्याधुनिक मशीनों, एम्बूलैंस तथा योग्य चिकित्सकों के माध्यम से यह हाँस्पीटल गायों के साथ- साथ मोर, नीलगाय, कुकुर, खरगोश, बकरी आदि कई जीव-जन्तुओं की भी निःशुल्क देख-रेख करता है। जीव सेवा के साथ- साथ रक्तदान शिविर का आयोजन कर गौ सेवा धाम ने मानव सेवा के क्षेत्र में भी अपनी दमदार उपस्थिती दर्ज करायी है।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

कथा के मध्य धूम धाम से मनाया मकर संक्रांति का त्यौहार।

गौवंश को वितरण किये गरम कम्बल और गुड तिल के लड्डू।

मकर संक्रांति पर भक्तों ने गाय को समर्पित किये अन्न वस्त्र और मीठा दलिया।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के प्रितिष्ठित पशु अस्पताल में धूम धाम से मनाया गया मकर संक्रांति का त्यौहार।
कोटवन - करमन बॉर्डर पर इस्थित देवी चित्रलेखाजी के सानिध्य में बीमार पशुओं के लिए निशुल्क संचालित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा एवं श्रीराधा चरितामृत कथा के द्वितीया दिवस के मध्य में मकर संक्रांति के त्यौहार बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। 
इस अवसर पर गौमाताओं को गुड तिल के लड्डू, मीठा दलिया, गरम गरम औटि, हरा चारा, ताज़ी सब्जियां खिलाकर मकर संक्रांति का  त्यौहार मनाया गया, बाहर से आये भक्तों ने गौमाता को गरम कम्बल उढ़ाये, साथ ही यहां कार्य कर रहे सेवकों को भी मिठाई, तिल के लड्डू, मूंगफली व कम्बल बांटे। 

यहां चल रही कथा में देवी चित्रलेखाजी ने श्री राधा रानी के चरित्र का वर्णन किया और साथ ही मकर संक्रांति के पावन त्यौहार के बारे में बताया की 
मकर संक्रांति का त्योहार, सूर्य के उत्तरायन होने पर मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। 
अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार इस पर्व के पकवान भी अलग-अलग होते हैं, लेकिन दाल और चावल की खिचड़ी इस पर्व की प्रमुख पहचान बन चुकी है। विशेष रूप से गुड़ और घी के साथ खिचड़ी खाने का महत्व है। इसके अलावा तिल और गुड़ का भी मकर संक्राति पर बेहद महत्व है। 
इस दिन पतंग उड़ाने का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन कई स्थानों पर पतंगबाजी के बड़े-बड़े आयोजन भी किए जाते हैं। लोग बेहद आनंद और उल्लास के साथ पतंगबाजी करते हैं। 
देवीजी ने कहा की पतंग से पक्षिओं को होने वाले नुकसान को भी नज़र अंदाज न करें, पक्षिओं की सुरक्षा का ध्यान रखें, अगर पतंग में उलझकर कोई पक्षी घायल हो जाता है तो उसे जल्द से जल्द नजदीक पशु अस्पताल ले जाकर उसका उचित उपचार कराएं। 
भजन संकीर्तन करते हुए अपने त्यौहार को मनाएं।

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