Top

Upcoming Events:

!! Shrimad Bhagwat Katha:- 02-02-2023 To 08-02-2023, Time:- 4:00 pm To 7:00 pm, Place: - Purani Ganj Mandi, Ganjpara, Durg C.G. !!

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

Visitor Review of Her Visit to Gau Seva Dham Hospital

A visitor's feelings on her visit to Gau Seva Dham Hospital :

' Devi Chitralekha Ji's Gau Seva Dham is no less than a paradise not only for the animals but also for every visiter that visits this beautiful place. Unlike it's name, the dham not only treats and serves cows, but also every animal that needs help. The animals are not only provided best possible treatment from expert veterinarian doctors but also food and shelter. A good fresh and green environment is created to make animals feel more homely and comfortable. The employees there are so compassionate and friendly and they are determined towards the noble cause. The dham also offer free cold drinking water to anyone and everyone. There are many ambulances available to pick up the injured and sick animals within 50 km of radius of the Gau Seva Dham. As soon as the staff there gets any information about any injured or sick animal, the ambulance is sent as soon as possible. Devi Chitralekha ji envisions a compassionate and good world where both animals and humans live peacefully. This is most certainly one of the most heart warming and fulfilling places I've ever visited to. I would like to thank Devi ji for helping these innocent animals and giving them a good healthy life.'

Related Blogs

देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिन (संकीर्तन दिवस) पर किया गया रक्तदान शिविर का आयोजन

देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिन (संकीर्तन दिवस) पर किया गया रक्तदान शिविर का आयोजन

देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिन (संकीर्तन दिवस) पर किया गया रक्तदान शिविर का आयोजन
 
विभिन्न प्रकार के सेवाकार्य कर मनाया गया देवी चित्रलेखाजी का जन्मदिवस
 
देवी चित्रलेखाजी के सेवाप्रकल्पः
 असहाय गौवंश तथा अन्य जीवों की सेवा
 हरिनाम प्रचार 
 महिला स्वावलबंन तथा सशक्तिकरण
 आयुर्वेदिक उत्पादों को प्रोत्साहन देना
गुरुवार को गौ सेवा धाम में चल रही सप्तदिवस श्री राधा चरितामृत कथा के चतुर्थ दिवस में गौ सेवा धाम हाँस्पीटल की संचालिका तथा प्रसिद्ध कथावाचिका पूज्या देवी चित्रलेखाजी के जन्मदिवस 19 जनवरी को संकीर्तन दिवस के रूप में मनाया गया। प्रातःकाल प्रभात संकीर्तन फेरी के साथ कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। तत्पश्चात् वृक्षारोपण कर प्रकृति के सरंक्षण का संदेश दिया गया। मघ्याहन समय में गायों हेतू 56 भोग का भंडारा प्रसाद लगाया गया। जिसमें समस्त गौंवश को पौष्टिक दलिया, हरा चारा, गुड़, गन्ना, दालें तथा फल प्रदान किये गये। इस शुभ अवसर पर गौसेवा धाम हाँस्पीटल ने विधार्थीयों को गर्म वस्त्रों का वितरण भी किया तथा साथ ही गौ सेवा धाम परिसर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। जीव सेवा , नर सेवा तथा पर्यावरण के संरक्षण का संदेश देकर गौ सेवा धाम हाँस्पीटल ने देवीजी के जन्मदिवस को सार्थकता के साथ मनाया। देवीजी ने इस अवसर पर एक नई गौ एम्बुलेंस का उद्घाटन किया। इन लिफ्टयुक्त एम्बुलेंस के माध्यम से पहले से घायल जीव को और अधिक कष्ट न देते हुये सुविधापूर्वक हाँस्पीटल तक ले जाना आसान रहता है। गौसेवा धाम हाँस्पीटल यूपी हरियाणा राज्य की सीमा पर स्थित है। यह हाँस्पीटल विशाल स्तर पर निःशुल्क की जाने वाली गौसेवा हेतू प्रसिद्ध है। देवीजी के पिता पं0 टीकाराम स्वामीजी ने इस अवसर पर गौसेवा धाम के बारे में बताया कि यहाँ दुर्घटनाग्रस्त , लाचार तथा असहाय गौवंश तथा अन्य जीव जन्तुओं का उपचार किया जाता है। साथ ही क्षेत्र के पशुपालक भी अपने पशुओं के उपचार हेतू यहाँ आते हैं। वर्तमान में यहाँ हजारों जीव चिकित्सा लाभ ले चुके हैं। गौमाता के अतिरिक्त वानर, खरगोश, श्वान, मोर, नीलगाय, कबूतर आदि कई पशु-पक्षी इस हाँस्पीटल में उपचाराधीन है। गौसेवा धाम हाँस्पीटल में प्रशिक्षित चिकित्सक, अत्याधुनिक मशीनें, बिजली, पानी तथा जीवों के अलग-अलग रहने हेतू विशाल वार्ड आदि हैं। जिससे इतने बड़े स्तर पर जीव सेवा की जा रही है।
नए साल पर किया गौ पूजन गौवंश को 56 भोग लगाकर करी नववर्ष की शुरुआत |

नए साल पर किया गौ पूजन गौवंश को 56 भोग लगाकर करी नववर्ष की शुरुआत |

नए साल पर किया गौ पूजन
गौवंश को 56 भोग लगाकर करी नववर्ष की शुरुआत
नववर्ष कि शुरुआत गौ सेवा और कृष्ण भजनों के साथ

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोटवन  बॉर्डर पर स्थित देवी चित्रलेखाजी के गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में अंग्रेजी नववर्ष का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
आज सुबह कड़ाके की ठण्ड और घने कोहरे के बीच गौ सेवा धाम परिवार के सदस्यों ने दिल्ली, फ़रीदाबाद, नॉएडा आदि, आस पास के क्षेत्रों से आये भक्तों के साथ मिलकर सर्वप्रथम प्रातः काल गौ माता के परिसर में महासंकीर्तन करते हुए परिक्रमा की।
तत्पश्तात सैकड़ों भक्तों ने मिलकर हवन पूजन में सम्मलित हो सभी ने गौ माता की पूजन व आरती कर गौ माता का आशीर्वाद लेकर अपने नववर्ष की शुरुआत की।
इस मौके पर आये सभी सदस्यों ने साथ मिलकर गौ वंश को 56 भोग भी खिलाया, 56 भोग में मीठा दलिया, ताजा गन्ना, रोटी, फल, हरी सब्जियां जैसे अनेकों स्वादिष्ट व्यंजन खिलाये गए,
इस मौके भजन गायकों की टीम ने अपने मधुर भजनों पर सभी आये हुए भक्तों को नाचने झूमने पर मज़बूर कर दिया, क्या बड़े और क्या बच्चे सभी कृष्ण भजनों पर थिरकते नज़र आये साथ ही राधा और कृष्ण जी की झांकी स्वरूप ने सभी का मन मोह लिया। 
दोपहर में सभी भक्तों को खीर पूरी का भोजन प्रसाद कराया। नववर्ष का यह संपूर्ण कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष पं- टीकाराम स्वामीजी और महासचिव प्रत्यक्ष की देख रेख में समपन्न हुआ। 

दिल्ली से पधारे मनोज गर्ग और उनके साथियों ने बताया कि वह शिमला, मसूरी, नैनीताल ना जाकर अपने नए साल की शुरुआत गौ माताओं की सेवा कर करना चाहते थे। आज गौ सेवा धाम में आकर उनका सपना साकार हुआ।  यहाँ हो रही गौवंश की सेवाओं को देख सभी साथीगण काफी हर्षित हुए,
मनोज ने बताया की इस तरह की बेजुबान जीवों की सेवा उन्होंने अपने जीवन काल में कहीं नहीं देखी है। 
उन्होंने सेवा कार्य के लिए देवी चित्रलेखाजी और उनके समस्त गौ सेवा धाम परिवारजनों का सुक्रिया अदा किया।

गौ सेवा धाम में महिला सशक्तिकरण को दिया जा रहा है बढ़ावा।

गौ सेवा धाम में महिला सशक्तिकरण को दिया जा रहा है बढ़ावा।

गौ सेवा धाम में महिला सशक्तिकरण को दिया जा रहा है बढ़ावा।

महिलाओं का आत्मनिर्भर होना जरूरी ~ देवी चित्रलेखाजी।

भारतीय नारी ने विदेश में बढ़ाई भारत को शान।

देवी चित्रलेखा जी द्वारा संचालित  गौ सेवा धाम हॉस्पिटल एक बेहतर भारत की तरफ एक बड़ा कदम साबित हुआ है। देवी चित्रलेखा जी के हॉस्पिटल मे जानवरों व गौ माता का इलाज और पालन पोशन होता है, वो तो सराहनीय है ही, इसके साथ साथ महिला सशक्तिकरण की तरफ भी देवी जी काम कर रहीं है। बहुत सी गाँव की महिलाओं को रोज़गार देकर, उनको आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने मे देवी जी का बहुत बड़ा हाथ है। कई महिलाएं यहाँ जूट का सामान बनाना, गायों की सेवा और भी अलग अलग काम करती है। इससे ना केवल महिलाओं का स सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि भारत की रचनात्मक हस्त-शिल्प को भी बढ़ावा मिल रहा है। देवी जी ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नही, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई कथाएं करके व पुरुष्कार जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। देवी जी के इन सभी नेक कार्यों व भारत को आगे बढ़ाने की लगन से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

गौ सेवा धाम में आयी फ्रांस की मीडिया टीम।

गौ सेवा धाम में आयी फ्रांस की मीडिया टीम।

गौ सेवा धाम में आयी फ्रांस की मीडिया टीम।
फ्रांस की मीडिया टीम ने किया गौसेवा धाम का भ्रमण।
 
भारत में गौ सेवा धाम की जीव सेवा अतुलनीय: फ्रांस मीडिया।
 
गौसेवा धाम हाँस्पीटल की सेवायें अब देश के बाहर भी प्रसिद्ध हो रहीं हैं। विगत सोमवार को गौसेवा धाम में फ्रांस से मीडिया की एक टीम आयी। मीडियाकर्मियों ने बताया कि वह फ्रांस से यहाँ भारत में सनातन धर्म में पूज्यमान गौमाता और जीव-जन्तुओं की निःस्वार्थ सेवा के बारे में सुनकर इसको कवर करने हेतू आये हैं जिससे इस  अच्छे नेक कार्य का विश्वभर में प्रचार प्रसार किया जा सके। फ्रांसी मिडिया ने गौसेवा धाम की टीम के साथ रहकर एम्बूलेंस, बाइक एम्बूलेंस तथा हाँस्पीटल में होने वाली चिकित्सा सेवा का गहनता से निरीक्षण किया। 
गौसेवा धाम की विशेषताऐंः
• लिफ्टयुक्त एम्बूलैंस
• अत्याधुनिक एक्सरे मशीन
• प्रशिक्षित चिकित्सक
• जीवों के रहने हेतू कूलर युक्त वार्ड
 
 मीडिया टीम ने देखा कि किसी जीव के सड़क दुर्घटना होने पर गौसेवा धाम की लिफ्टयुक्त एम्बूलैंस तुरतं ही घटना स्थल पर जाकर उस जीव को हाँस्पीटल में लाती है। जहाँ उसका उपचार चिकित्सकों के माध्यम से किया जाता है। साथ ही घायल जीवों को प्राथमिक उपचार देने हेतू गौ सेवा धाम हाँस्पीटल बाइक एम्बूलेंस संचालित करता है। जिसमें आवश्यक दवाईयाँ तथा पट्टियाँ सदैव रहती है। जीव-जन्तुओं के लिये होने वाली इस त्वरित सेवा से मीडियाकर्मी प्रभावित नजर आये।  गौसेवा धाम हाँस्पीटल में गौवंश के साथ-साथ नीलगाय, मोर, बंदर, बकरी, घोड़ा, बाज, बंदर आदि समस्त जीव-जन्तुओं का निःशुल्क उपचार किया जाता है। अपने मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर से गौसेवा धाम इतने बड़े स्तर पर जीव सेवा करता है। क्षेत्रीय पशु पालकों के साथ-साथ अन्य राज्यो के पशु पालक भी अपने पशुओं का यहाँ उपचार कराने लाते हैं।
गौसेवा धाम ने बनाया लम्पीग्रस्त गायों हेतु आइसोलेशन सेटंर

गौसेवा धाम ने बनाया लम्पीग्रस्त गायों हेतु आइसोलेशन सेटंर

लम्पी ग्रस्त गायों के लिये पलवल का पहला आइसोलेशन सेटंर
गौसेवा धाम ने बनाया लम्पीग्रस्त गायों हेतु आइसोलेशन सेटंर

इन दिनों लम्पी महामारी अपने चरम पर है। देश के कई राज्यों में इस बीमारी ने गायों को अपनी चपेट में ले रखा है। इन लम्पीग्रस्त गायों को आश्रय देने के लिये होडल में गौ सेवा धाम हाँस्पीटल एवं नगर पालिका होडल के सहयोग से पलवल जिले का पहला आइसोलेशन सेटंर होडल में प्रारंभ किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर न्यू त्यागी मंदिर के पास इन महामारी ग्रस्त गायों को अलग से रखा गया है। यहाँ इन गौवंश के लिये पौष्टिक भोजन तथा दवाईयों का प्रबंध किया गया है। देवी चित्रलेखाजी के गौ सेवा धाम हॉस्पिटल के प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में यहाँ कई बीमार गौंवश उपचाराधीन हैं।
   

लंपी वायरस के कुछ लक्षण 
यह वायरस गौवंश की लार, नाक के स्राव पाया जा सकता है. इसके अलावा, पशुओं की लसीका ग्रंथियों में सूजन आना, बुखार आना, अत्यधिक लार आना और आंख आना, वायरस के अन्य लक्षण हैं.
सबसे अधिक दिखने वाला लक्षण पूरे शरीर पर दाने या फोड़े जैसा निकल आते है । 
ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर अपने नज़दीकी पशु चिकित्सक को जरूर दिखाएँ। 

बचाव के उपायः
बीमार गाय को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। 
पानी में फिटकरी, नीम की पत्ती तथा हल्दी डालकर गौवंश को नहलाये। 
चारे के साथ पौष्टिक आहार जैसे दलिया, चुनी आदि पर्याप्त मात्रा में दें। 
ध्यान रहे की ये समस्त उपाय अपने नज़दीकी पशु चिकित्सक की देख रेख में ही अपनाएं। 

 नगर पालिका के चेयरमैन शीशपाल कड्डन ने पशु पालकों से अपील करते हुये कहा कि बीमारी होने पर गायों को घर से नहीं निकालें अपितु उनका सही उपचार कराये। लम्पी महामारी के बारे में गौ सेवा धाम हॉस्पिटल के महामंत्री प्रत्यक्ष शर्मा ने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित गाय का दूध अच्छे से उबालकर उपयोग में लिया जा सकता है। लम्पी बीमारी से मनुष्य को किसी प्रकार को कोई खतरा नहीं है। गौसेवा धाम हॉस्पिटल दुर्घटनाग्रस्त, बीमार एवं असहाय गौंवश तथा अन्य जीव-जन्तुओं का निःशुल्क उपचार करता है। लम्पी महामारी में गौ सेवा धाम पर अतिरिक्त बोझ है परन्तु अस्पताल प्रशासन तथा होडल नगर पालिका के संयुक्त प्रयास से इस बीमारी से गौंवश को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। महामारी के इस दौर में असहाय तथा बेजुबान गौवंश की पीड़ा को दूर करने के इस प्रयास का क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है।
आपको बतादें की गौ सेवा धाम हॉस्पिटल पिछले 9 वर्षों से असहाय व् दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के साथ साथ अन्य सभी जीव जंतुओं का उपचार करता आया है। साथ ही इस लम्पी महामारी में भी गौ सेवा धाम हॉस्पिटल की चिकित्सक टीम उत्तर प्रदेश,हरियाणा व् राजस्थान की अनेक जगहों पर जाकर लम्पी से ग्रसित किसानों की पालतू व् बेसहारा गौवंश के उपचार हेतु 24 घंटे लगी हुई है। 

You should also have some support for cow service.

You should also have some support for cow service.

राधे राधे जी, 


गौ सेवा धाम हॉस्पिटल (पशु हॉस्पिटल) में आपका स्वागत है |
विश्व संकीर्तन टूर ट्रस्ट के तहत चल रहा जी.एस.डी. हॉस्पिटल (देवी चित्रलेखाजी संस्थापक हैं और उनके पिताजी पंडित टीकाराम स्वामी जी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं) ... 
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क हैं।

गौ सेवा धाम हॉस्पिटल , NH-19 होडल, जिला पलवल (हरियाणा) - 121106
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में बीमार, लाचार व बेसहारा पीड़ित गौमाता एवं अन्य जीव जंतुओं का मुफ्त में इलाज किया जाता है। जिसमें आपश्री दान सहयोग कर पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।
बीमार, लाचार व बेसहारा गौवंश की सेवा और उनके इलाज हेतु दान सहयोग करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें या आप Paytm | Phonepe | Google pay ( बैंक अकाउंट ट्रांसफर ) के माध्यम से भी दान सहयोग कर सकते हैं।

इस सेवा कार्य में दान सहयोग कर पुण्य के भागीदार बनें।

गौ सेवा के लिए थोड़ा सहयोग आपका भी हो...

*Link for Website :-  https://www.worldsankirtan.org/home


*Link for Online Donation & Bank Accounts :-  https://www.worldsankirtan.org/donate


*Paytm || GooglePay - 9991772222

 

दान से सम्बंधित किसी अन्य जानकारी के लिए हमारे कार्यालय में संपर्क करें - +91 9991771111, +91 9991772222, +91 9991773333, +91 9991774444 

Join your hand with us for a better life and beautiful future.