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!! Shrimad Bhagwat Katha (Birthday of Devi Chitralekhaji):- 13-01-2021 To 19-01-2021, Time:- 9:30 am To 1:00 pm, Place: - Gau Seva Dham Hospital, Hodal, Haryana !!

गौ सेवा धाम में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी पर्व

गौ सेवा धाम में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी पर्व
 
गौवंश के लिये पूर्णतः समर्पित है गौ सेवा धाम हाँस्पीटल
 
गौ सेवा धाम में आयोजित हुआ गायों हेतू भंडारा
 
गाय को भारतवर्ष की प्राचीन संस्कृति का प्रतीक माना जाता है और गोपाष्टमी का पावन पर्व इन्हीं गायों को समर्पित है। द्वापर युग से ये पवित्र उत्सव आम जन-मानस के बीच हर्षाेल्लास से मनाया जाता है। गाय की महिमा का वर्णन स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने श्रीमुख से किया है। गायों की सेवा एवं उनका पालन करने के कारण ही श्रीकृष्ण को गोविन्द तथा गोपाल के नाम से  भी जाना जाता है। कहा जाता है कि जिस दिन बाल कृष्ण ने सर्वप्रथम गौ चारण किया था उस दिन की तिथि को अष्टमी थी एवं तभी से ये गोपाष्टमी का पावन पर्व प्रारम्भ हुआ। इस दिन गोपालक अपनी-अपनी गायों का भांति भांति से साज श्रगांर करते हैं। 
इसी कड़ी में गौ सेवा के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध कथा वाचिका देवी चित्रलेखा जी के गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में गोपाष्टमी का पर्व धूमधाम एवं सेवाभाव से मनाया गया। सूर्यादय के साथ ही दूरदराज अन्य राज्यों से पधारे गौ भक्तों ने देवी चित्रलेखा जी के साथ भजन-कीर्तन, हवन तथा गौमाता का पूजन किया। 
समस्त कार्यक्रम में बाहर से पधारे श्रद्धालु व  गोसेवा धाम सेवा धाम हॉस्पिटल का स्टाफ अन्य सभी लोग मास्क लगाए हुए नजर आए और कोरोना प्रोटोकॉल का भी पालन करते दिखे।
भगवान कृष्ण की गौ सेवा करते हुये झाँकी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रही। दिन के मध्य में गौवंश के लिये भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया। जिसमें हरा चारा, गुड़, मीठा दलिया, रोटी, गन्ना आदि का वितरण न केवल गौ सेवा धाम में अपितु क्षेत्र की दर्जनों गौशालाओं में भी गौ सेवा धाम की तरफ से वितरित किया गया।
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में लगी बड़ी ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन से हजारों रोटियां बना कर आसपास की गौशालाओं को भेजी गई, सिर्फ रोटी ही नहीं उसके साथ मीठा दलिया हरी सब्जी, हरा गन्ना व अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ गौशालाओं को भेजे गए।
 कोरोना काल में जब इस तरह की सेवा की सबसे ज्यादा आवश्यकता है ऐसे में गौ सेवा धाम हाँस्पीटल की तरफ से इस तरह की सेवा किया जाना वाकई में प्रशंसनीय है। 
 
गौ सेवा धाम में आयोजित भागवत कथा में आये गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष
गोपाष्टमी के कार्यक्रम के बाद संध्या काल में गौ सेवा धाम में सप्तदिवसीय गोपाष्टमी कथा महोत्सव का भी आयोजन किया गया। कथा के छठे दिन कथा व्यास पूज्या देवी चित्रलेखा जी ने बाल गोपाल की नटखट क्रीड़ायें, गौ चारण, गोवर्धन लीला आदि का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्रवण कुमार गर्ग जी का भी आगमन हुआ। समम्त गौ सेवा धाम हाँस्पीटल का भ्रमण कर यहाँ हो रही गौ सेवा से वह अत्यधिक प्रभावित हुये। व्यासपीठ से आर्शीवाद लेने के बाद उन्होनें यहाँ हो रहे सेवा कार्यों की प्रंशसा की। उन्होने कहा कि जिस स्थान पर गाय निर्भय होकर सांस लेती है वह स्थान अत्यधिक पवित्र एवं पुण्यवान होता है। ऐसे स्थान पर किये गये जप-तप अपेक्षाकृत जल्दी फल देने वाले होते हैं। समस्त कथा आयोजन में कोविड प्रोटोकोल का पूर्णतः पालन किया गया। समस्त श्रोतागण उचित सामाजिक दूरी के साथ मास्क पहने हुये उपस्थित रहे।
 
विदित रहे कि गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में बीमार, लाचार, असहाय एवं दुर्घटनाग्रस्त गौंवश का निःशुल्क उपचार किया जाता है। यहाँ अत्याधुनिक मशीन, लिफ्ट युक्त एम्बुलैंस, गायों को उनकी बीमारी के अनुसार रखने के लिये अलग-अलग वार्ड, प्रशिक्षित चिकित्सक, कुशल गौ सेवक, अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण आदि की पूर्ण सुविधा है। जो कि यहाँ की चिकित्सा सुविधा को कहीं बेहतर बनाती है। इन्हीं कारणों से गौ सेवा धाम हाँस्पीटल न सिर्फ क्षेत्र में अपितु सम्पूर्ण देश तथा विदेशों में भी जाना जाता है। यह संस्थान लगभग 10 वर्षां से गौवशं की सेवा में पूर्णतः समर्पित है।
 
 
 
 
 

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नववर्ष पर लिया गौ सेवा का संकल्प

गौसेवा कर मनाया नववर्ष
 
श्रद्धालुओं ने गौमाता गुड दलिया खिला कर मनाया नववर्ष
 
नववर्ष पर लिया गौ सेवा का संकल्प
 
 
 
नये साल को लोग अपने-अपने तरीकों से मनाते हैं। ऐसे में कई व्यक्ति नववर्ष की शुरूआत आध्यात्मिक तरह से करते हैं। ऐसा ही  कोसी-होडल बॉर्डर पर स्थित गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में देखने को मिला जहां हर वर्ष की भांति  इस वर्ष भी भजन-कीर्तन तथा हवन-यज्ञ के साथ नये साल 2021 के पहले दिन का यहाँ स्वागत किया गया। 
गौवंश की उपस्थिति, कीर्तन करते हुये श्रद्धालुगण, तथा यज्ञ आहुति के मंत्रोच्चारण से समस्त वातावरण भक्तिमय हो गया। दिन के मध्य में गौमाता तथा गौंवश हेतू मीठा दलिया, हरा चारा, गुड़, गन्ना आदि का भंडारा आयोजित किया गया। समस्त आयोजन में आस-पास के प्रदेशों से भी आगन्तुक आये हुये थे जिनके लिये भी भोजन प्रसाद का भी प्रबंध था।
 आगन्तुकों में से कोई गाय को हरा चारा खिला रहा था तो कोई इस कड़ाके की सर्दी में गौसेवा धाम में उपचाराधीन बीमार गौवंश को रजाई उढा कर मानसिक शांति प्राप्त कर रहा था। छोटे बच्चे गाय के बछड़ों के साथ सेल्फी लेकर खुश थे। 
 
नववर्ष का प्रारंभ गौमाता के साथ ही क्यों ?
 
वर्तमान में जहाँ भारतीय, पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर पब, होटल और महंगे क्लबों में जाकर नया साल मनाते हैं तो वहीं दूसरी तरफ अधिकतर भारतीय अपनी संस्कृति के अनुरूप नये साल का स्वागत जरूरतमदं को सहयोग कर, गौमाता की सेवा करके भी मनाते हैं। प्रसिद्ध कथा वाचिका तथा गौसेवा धाम हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी ने अपने नववर्ष संदेश में बताया कि आज के युवा को आधुनिकता और आध्यात्मिकता में संतुलन रखना आवश्यक है। वर्तमान में पाश्चात्य जगत के लोग भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैं और भारतीय खुद अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। देवी जी ने कहा कि इस नये साल पर हम जरूरतमंद की मदद करना, असहाय एवं मूक जीवों पर दया करना, पानी को व्यर्थ न बहाना, पेड़-पौधे लगाना एवं उनकी देखभाल करना आदि जैसे कई छोटे-छोटे संकल्प ले सकते हैं।

ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित टीकाराम स्वामी जी ने दिल्ली में श्री जेपी नड्डा जी के साथ शिष्टाचार करी मुलाकात

आज वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट एवं गौ सेवा धाम हॉस्पिटल के अध्यक्ष पंडित टीकाराम स्वामी जी ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी के साथ शिष्टाचार व व्यावहारिक मुलाकात कर कर्मन कोटवन बॉर्डर पर स्थित देवी चित्रलेखा जी के सानिध्य में संचालित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में हो रही बीमार गोवंश व अन्य पशु पक्षियों के इलाज की जानकारी दी साथ ही उच्च स्तर पर गौ रक्षा और गौ संवर्धन के विषय पर चर्चा करी,
 ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित टीकाराम स्वामी जी ने बताया कि उनकी जेपी नड्डा जी के साथ यह मुलाकात बहुत खास रही उन्होंने नड्डा जी को ब्रजभूमि में संचालित ब्रजभूमि में हो रही गौ सेवा गोसेवा धाम के भ्रमण हेतु आमंत्रित भी किया।
साथ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत संघ चालक प्रदेश प्रमुख कुलभूषण आहूजा जी और संस्था के पीआरओ पुनीत गौड भी उपस्थित रहे।
मौके पर उपस्थित सभी लोगों द्वारा कोरोना गाइडलाइंस का पालन किया गया सभी ने उचित दूरी मांस्क  व सैनिटाइजर का उपयोग किया

गौ सेवा धाम में पूर्ण हुआ सप्तदिवसीय गोपाष्टमी कथा महोत्सव

गोपाष्टमी भागवत महोत्सव में पधारे गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग
 
गोवंश के उपचार हेतु गौ सेवा धाम सदैव समर्पित - चेयरमैन गौ सेवा आयोग
गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में चल रही सप्तदिवसीय गोपाष्टमी भागवत कथा महोत्सव का सोमवार को विश्राम हो गया। सात दिनों तक चलने वाली यह कथा अपने आप में कई तरीकों से अद्भुत रही। इस कथा महोत्सव में भगवान की कथा के साथ-साथ गौ सेवा, नारी सशक्तिकरण, बेटी-बचाओ, बेटी-पढाओं का संदेश भी समाज में प्रसारित किया गया। 
हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी ने गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में इतने बड़े स्तर पर हो रही गौ सेवा की सफलता का श्रेय अपने पिता पं0 टीकाराम स्वामी जी को दिया। उन्होनें बताया कि अपने पूज्य पिताजी की प्रेरणा से ही वह गौ सेवा के इस पावन प्रकल्प को कर पा रही है। देवी जी स्वयं भी नारी सशक्तिकरण का जीवतं उदाहरण है। मात्र 7 वर्ष की अल्पायु से ही इतना दिव्य ज्ञान होना वाकई में प्रशंसनीय है। 
कथा के सप्तम दिवस श्री सुदामा चरित्र तथा समस्त भागवत कथा का सार देवी जी ने श्रद्धालुगण के सामने वर्णित किया। कथा के मध्य में क्षेत्र के विधायक श्री जगदीश नायर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चरन सिहं तेवतिया, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग का भी आगमन हुआ। व्यासपीठ से आशीर्वाद लेकर आगन्तुकों ने गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में होने वाले सेवा कार्यों का अवलोकन किया तथा वह इससे अत्यन्त प्रभावित नजर आये। श्रवण कुमार ने गौ सेवा आयोग की गौशालाओं के लिये गोबर गैस प्लांट, बिजली यूनिट रेट को 7 रूपये से 2 रूप्ये प्रति यूनिट करना, सोलर पैनल जैसी कई लाभप्रद योजनाओं के बारे में बताया। उन्होनें आमजनमास से गौ सेवा में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने का अनुरोध भी किया।
चेयरमैन ने बताया कि गौ सेवा धाम हॉस्पिटल जिस तरह से बीमार गोवंश के उपचार में दिन और रात सदैव तत्पर है वह अपने आप में बहुत गौरव का विषय है और गौ सेवा सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है।
चेयरमैन ने यहां आईसीयू वार्ड में भर्ती बीमार गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया, साथ ही गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में गोवंश के लिए बने अलग-अलग बीमारी के अनुसार बने वार्डों का भ्रमण भी किया।
 चेयरमैन ने बताया कि हरियाणा सरकार और गौ सेवा आयोग गौ संवर्धन और गौ रक्षा हेतु प्रयासरत है।
 साथ ही क्षेत्र के विधायक जगदीश नायर ने भी यहाँ हो रही गौ सेवा की प्रंशसा की। उन्होनें कहा कि इस तरह की गौ सेवा होना क्षेत्र के लिये अत्यन्त गर्व का विषय है। 1000 एम एच की एक्स रे मशीन, अत्याधुनिक लिफ्टयुक्त एम्बुलैसं, आधुनिक चिकित्सा उपकरण आदि गौ सेवा धाम हाँस्पीटल की चिकित्सा सुविधा को विश्व स्तरीय बनाते हैं। कोरोना काल होने के कारण अत्यंत सीमित मात्रा में ही श्रोतागण उपस्थित रहे। मास्क, उचित सामाजिक दूरी, सैनिटाइजर आदि के साथ कोरोना प्रोटोकोल का पूर्णतः पालन किया गया।
 
 
 
 
 

गौ सेवा धाम में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी पर्व

गौ सेवा धाम में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी पर्व
 
गौवंश के लिये पूर्णतः समर्पित है गौ सेवा धाम हाँस्पीटल
 
गौ सेवा धाम में आयोजित हुआ गायों हेतू भंडारा
 
गाय को भारतवर्ष की प्राचीन संस्कृति का प्रतीक माना जाता है और गोपाष्टमी का पावन पर्व इन्हीं गायों को समर्पित है। द्वापर युग से ये पवित्र उत्सव आम जन-मानस के बीच हर्षाेल्लास से मनाया जाता है। गाय की महिमा का वर्णन स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने श्रीमुख से किया है। गायों की सेवा एवं उनका पालन करने के कारण ही श्रीकृष्ण को गोविन्द तथा गोपाल के नाम से  भी जाना जाता है। कहा जाता है कि जिस दिन बाल कृष्ण ने सर्वप्रथम गौ चारण किया था उस दिन की तिथि को अष्टमी थी एवं तभी से ये गोपाष्टमी का पावन पर्व प्रारम्भ हुआ। इस दिन गोपालक अपनी-अपनी गायों का भांति भांति से साज श्रगांर करते हैं। 
इसी कड़ी में गौ सेवा के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध कथा वाचिका देवी चित्रलेखा जी के गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में गोपाष्टमी का पर्व धूमधाम एवं सेवाभाव से मनाया गया। सूर्यादय के साथ ही दूरदराज अन्य राज्यों से पधारे गौ भक्तों ने देवी चित्रलेखा जी के साथ भजन-कीर्तन, हवन तथा गौमाता का पूजन किया। 
समस्त कार्यक्रम में बाहर से पधारे श्रद्धालु व  गोसेवा धाम सेवा धाम हॉस्पिटल का स्टाफ अन्य सभी लोग मास्क लगाए हुए नजर आए और कोरोना प्रोटोकॉल का भी पालन करते दिखे।
भगवान कृष्ण की गौ सेवा करते हुये झाँकी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रही। दिन के मध्य में गौवंश के लिये भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया। जिसमें हरा चारा, गुड़, मीठा दलिया, रोटी, गन्ना आदि का वितरण न केवल गौ सेवा धाम में अपितु क्षेत्र की दर्जनों गौशालाओं में भी गौ सेवा धाम की तरफ से वितरित किया गया।
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में लगी बड़ी ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन से हजारों रोटियां बना कर आसपास की गौशालाओं को भेजी गई, सिर्फ रोटी ही नहीं उसके साथ मीठा दलिया हरी सब्जी, हरा गन्ना व अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ गौशालाओं को भेजे गए।
 कोरोना काल में जब इस तरह की सेवा की सबसे ज्यादा आवश्यकता है ऐसे में गौ सेवा धाम हाँस्पीटल की तरफ से इस तरह की सेवा किया जाना वाकई में प्रशंसनीय है। 
 
गौ सेवा धाम में आयोजित भागवत कथा में आये गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष
गोपाष्टमी के कार्यक्रम के बाद संध्या काल में गौ सेवा धाम में सप्तदिवसीय गोपाष्टमी कथा महोत्सव का भी आयोजन किया गया। कथा के छठे दिन कथा व्यास पूज्या देवी चित्रलेखा जी ने बाल गोपाल की नटखट क्रीड़ायें, गौ चारण, गोवर्धन लीला आदि का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्रवण कुमार गर्ग जी का भी आगमन हुआ। समम्त गौ सेवा धाम हाँस्पीटल का भ्रमण कर यहाँ हो रही गौ सेवा से वह अत्यधिक प्रभावित हुये। व्यासपीठ से आर्शीवाद लेने के बाद उन्होनें यहाँ हो रहे सेवा कार्यों की प्रंशसा की। उन्होने कहा कि जिस स्थान पर गाय निर्भय होकर सांस लेती है वह स्थान अत्यधिक पवित्र एवं पुण्यवान होता है। ऐसे स्थान पर किये गये जप-तप अपेक्षाकृत जल्दी फल देने वाले होते हैं। समस्त कथा आयोजन में कोविड प्रोटोकोल का पूर्णतः पालन किया गया। समस्त श्रोतागण उचित सामाजिक दूरी के साथ मास्क पहने हुये उपस्थित रहे।
 
विदित रहे कि गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में बीमार, लाचार, असहाय एवं दुर्घटनाग्रस्त गौंवश का निःशुल्क उपचार किया जाता है। यहाँ अत्याधुनिक मशीन, लिफ्ट युक्त एम्बुलैंस, गायों को उनकी बीमारी के अनुसार रखने के लिये अलग-अलग वार्ड, प्रशिक्षित चिकित्सक, कुशल गौ सेवक, अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण आदि की पूर्ण सुविधा है। जो कि यहाँ की चिकित्सा सुविधा को कहीं बेहतर बनाती है। इन्हीं कारणों से गौ सेवा धाम हाँस्पीटल न सिर्फ क्षेत्र में अपितु सम्पूर्ण देश तथा विदेशों में भी जाना जाता है। यह संस्थान लगभग 10 वर्षां से गौवशं की सेवा में पूर्णतः समर्पित है।
 
 
 
 
 

सप्तदिवसीय गोपाष्टमी भागवत महोत्सव का हुआ शुभारंभ

गौसेवा धाम में धूमधाम से मनायी जायेगी गोपाष्टमी
 
सप्तदिवसीय गोपाष्टमी भागवत महोत्सव का हुआ शुभारंभ
 
 
प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा जी के सानिध्य में कोटवन - करमन बॉर्डर पर स्थित गौसेवा धाम हाँस्पीटल में बीमार गौवंश के सेवार्थ सप्तदिवसीय गोपाष्टमी भागवत महोत्सव का विगत मगंलवार से श्रीगणेश हुआ। 
महोत्सव के प्रथम दिवस में देवी जी ने भागवत कथा के महात्मय का वर्णन किया। अस्पताल के मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी ने जानकारी देते  हुए  बताया कि 17 से 23 नवंबर तक चलने वाले इस कथा महोत्सव के मध्य में ही 22 नवंबर को गोपाष्टमी का महापर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा। गोपाष्टमी के दिन ही प्रथम बार भगवान श्री कृष्ण ने गौ चारण आरंभ किया था। 
जैसे राधाष्टमी पर बरसाना के मंदिरों में भव्य उत्सव मनाया जाता है ठीक वैसा ही गोपाष्टमी का पावन पर्व  गौ सेवा धाम हाँस्पीटल में भी धूम धाम से मनाया जाता है। क्योंकि गौसेवा धाम हाँस्पीटल में  बीमार व असहाय गौवंश को आश्रय देकर उनका उपचार व उचित देखभाल की जाती है तथा यह हाँस्पीटल गौ माता की सेवा के लिये पूर्णतः समर्पित है। 
हर वर्ष की भांति इस बार भी गोपाष्टमी के पर्व पर होने वाले गाै महाभोज में विशेष रूप से गौ माता की आरती तथा यहां भर्ती बीमार गौवशं के लिये मीठा दलिया, हरा चारा, गुड़ आदि का भंडारा अयोजित किया जायेगा। सम्पूर्ण कथा में कोरोना प्रोटोकोल का विशेष रूप से ध्यान रखा गया। सीमित मात्रा में श्रद्धालु उचित शारीरिक दूरी के साथ मास्क पहने हुये नजर आये।
 
ज्ञात रहे कि गौसेवा धाम हाँस्पीटल क्षेत्र में गौसेवा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। यहाँ पर लाचार, अनाथ, असहाय तथा दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के साथ अन्य जीव जंतु व पशु पक्षियों का का निःशुल्क उपचार किया जाता है। 

कोरोना काल में झूम उठे कथा श्रोता

भगवत सिखाती है जीने की कला - देवी चित्रलेखाजी 
कोरोना काल में झूम उठे कथा श्रोता 
 
अधिक मास में बही भागवत कथा की बयार
 
कोटवन करमन बार्डर पर स्थित गौसेवा धाम हाँस्पीटल में सप्तदिवसीय भागवत कथा का आयोजन विगत शनिवार से प्रारम्भ हुआ। 
जैसा की सबको विदित है मार्च महीने से ही कोरोना के वजह से सर्कार द्वारा सभी प्रकार के आयोजनों पररोक लगाई थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने धार्मिक आयोजनों को कुछ शर्तो के साथ मंजूरी दे दी है और निम्न शर्तों के देखते हुए कथा पंडाल में सीमित संख्या में ही श्रद्धालुगण कथा में उपस्थित रहे। 
कथा व्यास देवी चित्रलेखा जी ने बताया कि प्रथम बार कृष्णलीला  कथा गोवर्धन के कुसुम सरोवर पर उद्धव जी ने कृष्ण की पटरानियों को सुनायी। 
 साथ ही उन्होनें कहा कि अधिक मास में दान-पुण्य, जप-तप का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। कथा के मध्य में श्री किशोरीजू के भजनों पर समस्त भगवत प्रेमी झूमते नजर आये। इस दौरान कथा में आये श्रद्धालुओं ने गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ आदि खिलाकर पुण्य लाभ भी कमाया। समस्त आयोजन में कोरोना के प्रोटोकोल का पूर्णतः पालन किया गया। मास्क, उचित दूरी, स्वच्छता आदि का पूरी तरह से ध्यान रखा गया।
कथा के अंत में भक्तो को  प्रसाद भी वितरण किया गया

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